बरेली में खुद को फर्जी आईएएस बताकर ठगी करने वाली विप्रा शर्मा और उसके परिवार पर कानूनी शिकंसा कसता जा रहा है। विप्रा और उसके परिवार पर दो और रिपोर्ट दर्ज की गई है। दोनों मामलों में नौकरी का झांसा देकर ठगी करने का आरोप है।
बरेली की चर्चित फर्जी आईएएस विप्रा, उसकी बहन और पिता वीरेंद्र कुमार शर्मा के खिलाफ नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 36 लाख रुपये की ठगी के दो और नए मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इन नए मामलों को मिलाकर इस शातिर ठग गिरोह के खिलाफ अब तक दर्ज हुए मुकदमों की कुल संख्या 44 पहुंच चुकी है। पुलिस अब इस पूरे परिवार और गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने की तैयारी में है।
इस ताजा धोखाधड़ी और दर्ज हुई रिपोर्टों का मुख्य विवरण इस प्रकार है:
नए मामलों का विवरण (करीब ₹36 लाख की ठगी)
- पहला नया मामला: आरोपियों ने पीड़ित को नायब तहसीलदार के पद पर सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया था।
- दूसरा नया मामला: एक अन्य पीड़ित को बीडीओ (ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर) के पद का लालच देकर लाखों रुपये ऐंठे गए।
- फर्जी नियुक्ति पत्र: पीड़ितों का भरोसा जीतने के लिए इस गिरोह ने उन्हें बकायदा विभागों के फर्जी नियुक्ति पत्र (Appointment Letters) भी सौंप दिए थे।
गिरोह का अब तक का स्टेटस
मुख्य आरोपी व बहन: खुद को प्रशासनिक अधिकारी (SDM/IAS) बताने वाली मुख्य आरोपी विप्रा शर्मा और उसकी बहनें पहले ही पुलिस की गिरफ्त में आ चुकी हैं।
पिता फरार: ठगी के इस पूरे नेटवर्क में शामिल विप्रा का पिता वीरेंद्र कुमार शर्मा फिलहाल पुलिस की पकड़ से दूर और फरार चल रहा है।
कुल मामले: ठगी के शिकार लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे इस गिरोह पर दर्ज एफआईआर (FIR) का आंकड़ा बढ़कर 44 हो गया है।
बरेली पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ इनकी संपत्तियों को कुर्क करने की वैधानिक कार्रवाई की ओर कदम बढ़ा रही है।





